लेकिन जरूरत पड़ी तो खौफनाक भी बन जाएंगे
हम वो हैं जो सामने वाले की अकड़ निकाल दें,
हम वो खिलाड़ी हैं जो अपनी शर्तों पर खेलते हैं,
पर पगली मुझे देखने को तो लड़कियां जी रही हैं!
तू बदमाश है तो मैं सब बदमाशों का बाप हूँ।
ये वो किस्मत है जो हर किसी को नहीं मिलती।
मेरे भाई बहुत मेहनत की है इस अकड़ को लाने में!
हमारे तेवर और बातों में फर्क नहीं होता,
पर जो सामने कहे, वो दम किसी में नहीं आता है।
हमें देखकर ही shayari badmashi लोग अपना रास्ता बदलते हैं ♂️ ,
पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ !!
यह शायरी उन लोगों के लिए है जो हालात से नहीं, अपने उसूलों से चलते हैं।
पर तेरी इज्जत से ज़्यादा हमारी बदमाशी की कीमत है।
तू जब भी हंसती है, लगता है कुछ सोच कर हंसी है,